अंक: -- स्वतंत्रमत जाल संस्करण - हितकारिणी का ग़ौरवशाली प्रकाशन
साहित्य दर्शनीय स्थल इतिहास का पन्ना शौक्षिणक संस्थान

सुंदर चि˜ाों वाले परदे और धातु से बनी कृतियों ने मन मोहा

जबलपुर। देश के कुटीर एवं लƒाु उद्योगों के क्षे˜ा में हस्ताशिल्प की कला काफी पुरानी है। नयनामिराम कृतियों के अलावा हाथकरƒाा से तैयार सुंदर प्रि‹ट की चादरें साड़ियों को बनाने वाले कादीगर संपू‡ार् भारत में लगने वाले मेलों सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों की प्रदर्शनी में  अपनी कलाकृतियों के नमूने विदृय हेतु प्रस्तुत करते है नगर के प्रमुख क्षे˜ा राइट टाउन स्थित एम.एल.बी. क‹या शाला के क्रीडांगन में इन दिनों म.प्र. हस्तशिल्प एवं हाथ करƒाा विकास निगम भोपाल द्वारा जबलपुर हाट ख्00त्त् का आयोजन किया गया है। क्| मार्च तक चलने वाली इस हाट के प्रयोजक विकास आयुक्त हाथकरƒाा व मं˜ाालय भारत सरकार नई दि„ी है। हाट में करीब एक सौ से भी अधिक स्थनों में उžार प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, एवं मप्र. व छžाीसगढ़ के विभिन्न शहरों स्थानों से अपनी सुंदर कृतियों को लेकर कलाकार आए है। इनमें काष्टकला से तैयार तरह-तरह की सजावट की वस्तुयें तथा पीतल व टेरीफोटा से तैयार मूर्तियां चि˜ा व  ƒारों में सामा‹यत: उपयोग में आने वाली सामग्री को रखने के सामान प्रमुख है। गृह स”ाा के लिए आकर्षक रंगों में सजीले दृष्यांकन वाले परदे टेबिल €लाथ ौर  टसर,कोसा, महेश्वर,सिल्क साड़ियों को खरीदने महिलाओं  एवं किशोर वय के छा˜ा-छा˜ााओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। इसके अलावा फूलों के पौधे लगाने सजाने के लिए प“ाीकाई से स”ात फूलदान व गमलों की वेरायटी देखते ही बनती है। ब“ाों के लिए तरह-तरह के धातु व लकड़ी के खिलौने जबलपुर हाट का प्रमुख आकर्षक है। सिके साथ ही हाथकरƒाा से तैयार मि˜ाचि˜ाों की दृस्यावलि  वाले सोफा कवर, बेड कवर एवं खिड़की दरवाजों के लिए परदे  भी आम जनमानस में काफी लोकप्रिय हो रहे है जि‹हें खरीदने वालों का तांता लगा है। एक सप्ताह तक चलने वाले जबलपुर हाट के क्| मार्च तक के अंतिम दौर में शिल्पियों  की कलाकृतियों को भी अ‘छा प्रतिसाद मिल रहा है।         

आज का शुभांक : 26


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