अंक: -- स्वतंत्रमत जाल संस्करण - हितकारिणी का ग़ौरवशाली प्रकाशन
साहित्य दर्शनीय स्थल इतिहास का पन्ना शौक्षिणक संस्थान

कोई हमदर्द नहीं मेरे दर्द का

जबलपुर। अभी हाल ही में पुलिस प्रशासन के द्वारा शहर की सड़कों पर जहां वहां ƒाूमने वाले विक्षिप्तों को पकड़ने का अभियान चलाया गया। परंतु इस  अभियान में शहर के राइट टाउन नेपियर टाउन आदि क्षे˜ाों के कुछ विक्षिप्तों को पकड़ कर उनका मेडिकल परीक्ष‡ा कराकर विक्षिप्त पाए जाने  पर उ‹हें प्रदेश के ‚वालियर में स्थित मानसिक रोग चिकिˆसालय बेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने अपने कžार्व्य की इतिŸाी समक्ष ली। उपरोक्त तस्वीर कल रात क्0 बजकर फ्0 मिनिट पर ली गई है। यह तस्वीर रांझी थाने के ठीक बाजू में लक्ष्मीनाराय‡ा यादव उ.मा. विद्यालय के पास के कचराƒार में विक्षिप्त महिला  के द्वारा कचराƒार में कचार खा कर अपनी भूख मिटाने की है। यह दृश्य संवेदनशील नागरिकों को शर्मक्षार कर देता है और विक्षिप्तों को प्रशासन के द्वारा पकड़ा कर उनका इलाज के लिए भेजे जाने के दानों की पोल भी खोल रहा है। यह विक्षिप्त महिला रांझी व्हीकल मोड़, लक्ष्मीनाराय‡ा यादव शाला, रांझी थाना, आदर्श मार्केट के आस-पास ही ƒाूमती रहती है।यह महिला कई सालों से रांझी की सड़कों पर इधर-उधर ƒाूमती रहती है। कभी कभी तो इसे खाना भी नसीब नहीं हो पाता है। और यह आवादा जानवरों की तरह कचरा ƒार में जाकर कचरा बीन कर खाती है। पुलिस भी इसे देखकर केवल भूकदर्शक बनी रहती है। इसके संबंध  में कदम सांस्कृतिक कला केंद्र के अŠयक्ष रांझी के पंकज कुमार ने बताया कि यह विक्षिप्त महिला कई सालों से यहां वहां रांझी में ƒाूमती रहती है।  इसके उपचार के लिए प्रशासन को ™ाापन भी दिया गया जिस पर भी कोई कार्यवाही अभी तकनहीं हुई। जाधव टायपिंग इंस्टीट्यूट के संचालक विजय नगर रांझी  के विनीत जाधव एवं क्षे˜ाीय रहवासी राजेश बनौधा राजू ने बताया  कि देर रात कई बार आवादा, शराबी, असामाजिक तˆवों के द्वारा इससे छेड़छाड़ भी की जाती है। देखा जाने पर क्षे˜ाीय व्यापारियों के द्वारा कई बार ऐसे तˆवों को भगाया गया। विगत 0त्त् मार्च महिला दिवस की रात को भी कुछ शराबियों के द्वारा इसे तंग किया जा रहा था जि‹हें स्थानीय व्यापारियों ने भगाया था शहर ऐसी यह कोई एक महिला नहीं है। बल्कि अनेक विक्षिप्त महिलाएं है जिनका कोई इलाज नहीं हो रहा है। इ‹हें आवादा जानवरों की तरह मरने के लिए इनके हाल पर दिया गया है। काश कि महिला दिवस पर  संगोष्ठी कार्यशाला करने के पहले ऐसी विक्षिप्त महिलाओं का इलाज करवा कर  इनका पुनर्वास किया जाता ।

आज का शुभांक : 26


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